तखतगढ़ के गुरुकुलम में 500 जनजातीय बच्चों को मिलेगी शिक्षा:उद्घाटन से पहले सर्व समाज की बैठक, स्वामी अभयदास ने दिया संदेश

रानीवाड़ा में सोमवार को जनजाति गुरुकुलम के उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक हिंगलाज माता मंदिर परिसर में हुई, जिसमें कथावाचक और प्रसिद्ध संत स्वामी अभयदास जी महाराज (तखतगढ़ आश्रम) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पीले चावल बांटकर किया जाएगा आमंत्रित
स्वामी अभयदास जी महाराज तखतगढ़ में बनने वाले जनजाति गुरुकुलम के आगामी उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रण पत्रिकाएं वितरित करने और सर्व समाज को पीले चावल बांटकर आमंत्रित करने के उद्देश्य से रानीवाड़ा पहुंचे थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
अपने संबोधन में स्वामी अभयदास महाराज ने कहा कि जनजाति गुरुकुलम केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनेगा। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
शिक्षा में सहयोग देने का आग्रह
महाराज ने समाज के सभी वर्गों से जाति, वर्ग और मतभेदों से ऊपर उठकर शिक्षा और संस्कार के इस कार्य में सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि गुरुकुलम की स्थापना से जनजाति समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का मार्गदर्शन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर किसी लक्ष्य की ओर बढ़ता है, तो सफलता निश्चित होती है। उन्होंने सर्व समाज से उद्घाटन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
ये रहे मौजूद
बैठक में महिपाल चौधरी, रमेश आंजना (एयरफोर्स), तनु सिंह देवड़ा, छैल सिंह सोलंकी, चेतन दास वैष्णव, जगदीश जोशी, जयंतीलाल जोशी और इंद्रभान श्रीमाली सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
आमंत्रण पत्रिका का वितरण किया
कार्यक्रम के अंत में आमंत्रण पत्रिकाओं का वितरण किया गया और पीले चावल बांटकर सर्व समाज को निमंत्रण दिया गया। उपस्थित लोगों ने जनजाति गुरुकुलम के उद्घाटन समारोह को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।